#18march
प्रसिद्ध पॉप एवं पार्श्वगायिका अलीशा चेनॉय असली नाम सुजाता चेनॉय
🎂18 मार्च 1965 अहमदाबाद
पति: राजेश झावेरी (विवा. 1986–1994)
माता-पिता: मधुकर चिनाई
अलीशा चेनॉय एक भारतीय पॉप गायिका हैं, वह अपने कई निजी एल्बम तथा भारतीय सिनेमा में पार्श्व (प्लेबैक) गायन के लिए जानी जाती है।
अलीशा की प्रारंभिक एल्बमों में जादू, बेबी डोल आह अलीशा शामिल हैं। दिग्गज संगीतकार और संगीत निर्देशक बप्पी लाहिड़ी अलीशा को हिंदी फिल्म संगीत मे लेकर आये थे। उन्होंने 1980 के दशक में एक साथ कई फिल्म जैसे 'टार्जन', डांस डांस, कमांडो, गुरु, लव लव लव आदि में डिस्को हिट दिए। जब उन्होंने अपना करियर उनके साथ शुरू किया तब वे कई अभिनेत्रियाँ जैसे स्मिता पाटिल, मन्दाकिनी, श्रीदेवी, जूही चावला, माधुरी दीक्षित और दिव्या भारती आदि के लिए पार्श्व गायन कर रही थी। 1985 में अलीशा ने रेमो फर्नांडीस के साथ एल्बम ओल्ड गोअन गोल्ड में गाया। उन्होंने पंकज पराशर की फिल्म जलवा (1987) के लिए भी गाना रिकॉर्ड कराया जिसका संगीत आनंद-मिलिंद ने दिया था। अस्सी के दशक में उनका सबसे ज्यादा हिट गाना था,1987 में मिस्टर इंडिया फिल्म का काटे नहीं कटते गाना, जो उन्होंने किशोर कुमार के साथ लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल के संगीत निर्देशन में रेकॉर्ड किया था। 1989 में दूसरा एक और सफल गाना रात भर जाम से फिल्म त्रिदेव से था, जिसका संगीत कल्याणजी-आनंदजी और विजू शाह द्वारा दिया गया था।
90 के दशक में, अन्य संगीत निर्देशकों जैसे अनु मलिक, आनंद-मिलिंद, राजेश रोशन और नदीम-श्रवण के सहयोग से वह अलग-अलग फिल्मों में काम करने लगी। इन वर्षों के दौरान, उन्होंने कई बॉलीवुड के लिए हिट गाने दिए जैसे तेरे इश्क में नाचेंगे (राजा हिन्दुस्तानी), छा राहा हैं प्यार का नशा (चंद्रमुखी) रौंधे (प्यार तुने क्या किया), सोना सोना रूप है (बॉलीवुड / हॉलीवुड), मौजे में (कारोबार), दे दिया (कीमत), रुक रुक रुक (विजयपथ) और विवादास्पद सेक्सी सेक्सी सेक्सी मुझे लोग बोले (खुद्दार).
पार्श्व गायन के साथ साथ ही, उनकी कई एल्बम भी रिलीज़ हुई जिसमे उन्होंने पॉप गायक के रूप में कई गाने रिकॉर्ड किये। चिनॉय को उनकी 1996 की हिट एल्बम मेड इन इंडिया के लिए जाना जाता है, जिसको बिददु ने संगीतबद्ध किया था। मेड इन इंडिया अपने समय के सबसे अधिक बिकने वाला पॉप एल्बम बन गया और अलीशा एक बहुचर्चित नाम हो गई। इस एल्बम में और भी कई प्रसिद्ध गाने है जैसे की "आजा मेरे दिल में", "एक बार दो बार", "सुन ओ मेरी धड़कन", "तू कहाँ", "ऊह ला ला", "तू जो मिला", "धोखा दिया है रे तुने मेरे दिल" और "लवर गर्ल". इस एल्बम के सफलता के साथ ही अलीशा ने पार्श्व गायन ना करने की घोषणा की और निजी पॉप एल्बम पर अपना ध्यान केन्द्रित करने का मन बना लिया। हालांकि, उसके बाद के एल्बम कम सफल रहे। यह एक ऐसा समय भी था जब वह अनु मालिक के साथ भारी विवाद में फंस गई थी, जिनके साथ वह कई हिट गाने रिकॉर्ड कर चुकी थी। मेड इन इंडिया के रिलीज़ के समय अलीशा ने अनु मालिक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। कुछ ने इसको एक गायक को उसके एल्बम को बढ़ावा देने के लिए पब्लिसिटी स्टंट बताया, अनु मालिक और अलीशा ने कई सालो तक साथ में काम नहीं किया, वह केवल 2003 में फिल्म इश्क़ विश्क में दुबारा एक साथ मिले।
यश राज फिल्म की मुझसे दोस्ती करोगे के गाने "ओह माय डार्लिंग" से अलीशा की फिल्म संगीत में वापसी हुई। 2000-2010 के समय में उन्होंने मुख्यतः हिमेश रेशमिया, शंकर-एहसान-लॉय और प्रीतम के साथ गाने रिकॉर्ड किये। 90 के दशक के विवाद के बाद, उन्होंने अनु मलिक के साथ कई फिल्म के गाने रिकॉर्ड करने के लिए समझौता किया जिसकी शुरुआत इश्क़ विश्क, फ़िदा, नो एंट्री, लव स्टोरी 2050, मान गए मुगले आज़म, अगली और पगली, चेहरा और कमबख़्त इश्क़ जैसे फिल्मों से हुई।
2005 में कजरा रे (बंटी और बबली) गाने के साथ वह अपने कैरियर के उच्चतम शिखर पर पहुँच गयी। इस हिट गाने के लिए एलिशा ने पहली और एकमात्र सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फ़िल्म फेयर पुरस्कार अर्जित किया।
अलीशा इंडियन आइडल 3 में जज थी।
उन्होंने अपने प्रबंधक राजेश झावेरी से शादी की थी, लेकिन अब वह उनसे अलग हो गई है।
पुरस्कार
अलीशा ने फिल्म बंटी और बबली के "कजरा रे" गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार 2005 में प्राप्त किया
जब मेड इन इंडिया रिलीज हुई, उन्ही दिनों में अलीशा ने अंतर्राष्ट्रीय बिलबोर्ड पुरस्कार प्राप्त किया और उसने कलात्मक उत्कृष्टता के लिए भी फ्रेड्डी मरकरी पुरस्कार प्राप्त किया।
अलीशा ने अंतर्राष्ट्रीय संगीत महोत्सव" एशिया 2004 में अपने गाने सयूलेमेंट वूस के लिए प्रथम स्थान प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगो का ध्यान आकर्षित किया। यह भारत के लिए संगीत प्रतियोगिता में पहली जीत थी
🎤🎧🎙️
चयनित हिट गाने
मेड इन इंडिया (मेड इन इंडिया)
जुम्बलक्का (तक्षक, 1999)
पंच वोर्सम (कोंकणी, एल्बम: ओल्ड गोअन गोल्ड, 1985)
राजन अणि प्रेमा (कोंकणी, एल्बम: ओल्ड गोअन गोल्ड, 1985)
जूबी जूबी (डांस डांस)
लेट्स डू इट (जलवा)
काटे नहीं (मिस्टर इंडिया)
रात भर जाम से (त्रिदेव)
धक् धक् (महा संग्राम)
छा रहा हैं (चंद्रमुखी)
सेक्सी सेक्सी (खुद्दार)
रुक रुक रुक (विजयपथ)
माई अडोरेबल डार्लिंग (मै खिलाड़ी तू अनाड़ी)
उरे बाबा (बंबई का बाबू)
तेरे इश्क में नाचेंगे (राजा हिंदुस्तानी)
कृष्णा कृष्णा (इंसाफ)
दे दीया दिल पिया (कीमत)
प्यार आया (प्लान)
महबूब मेरे (प्लान)
ओ माई डार्लिंग
! (मुझसे दोस्ती करोगे, 2002)
रंग रंग मेरे रंग रंग में (बॉलीवुड/हॉलीवुड, 2002)
चोट दिल पे लगी (इश्क विश्क, 2003)
दिल को हज़ार बार (मर्डर, 2004)
मैंने जिसको चाहा (फ़िदा, 2004)
हमनशीं (दोबारा, 2004)
तिनका तिनका (करम, 2005)
कजरा रे (बंटी और बबली, 2005)
इश्क दी गली (नो एंट्री, 2005)
दिल चुरा के मेरा (नो एंट्री, 2005)
ये इश्क में (नो एंट्री, 2005)
आज की रात (डॉन, 2006)
टच मी (धूम 2, 2006)
इट्स रॉकिंग (क्या लव स्टोरी है, 2007)
टिकट टू हॉलीवुड (झूम बराबर झूम, 2007)
लवर बॉय (लव स्टोरी 2050, 2008)
बेबो (कम्बक्ख्त इश्क, 2009)
तेरा होने लगा हूं (अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी, 2009)
जियरा जियरा (प्रिंस, 2010)
दिलरुबा (नमस्ते लंदन, 2007)
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