अभिनेत्री शीला रमानी
🎂02मार्च 1932
⚰️15जुलाई 2015
जिनको शीला केवलरमानी के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दी फ़िल्मों की अभिनेत्री थी। उनको हिन्दी फ़िल्मों में लाने का श्रेय चेतन आनन्द को जाता है। वो टैक्सी ड्राइवर, नौकरी फ़िल्म में अपनी भूमिका से प्रसिद्ध हुयीं। उनका जन्म सिन्ध हुआ और उस प्रान्त से हिन्दी सिनेमा में आने वाली कुछ गिने-चुने कलाकारों में से एक थीं।
उन्होंने हिंदी फिल्मों के अलावा पाकिस्तानी फिल्मों में भी काम किया था। अंतिम समय में वे महू में गुमनामी में जीवन बिता रही थीं।
शीला रमानी 50 के दशक में मिस शिमला रहीं। 1954 (62 साल पहले) में फिल्स 'टैक्सी ड्राइवर' की कामयाबी के बाद वे 'लक्स सोप' के ऐड में नजर आने लगी। यह वह दौर था जब 'लक्स सोप' का ऐड पाना हर हीरोइन का सपना होता था।
उनके मामा शेख लतीफ पाकिस्तानी फिल्मों के कलाकार थे। मूलत: पाकिस्तान के सिंध में जन्मी शीला शुरू से ही फिल्मों में काम करना चाहती थीं। वे अपने मामा के जरिए हिंदुस्तानी फिल्मों में आईं और भारत पहुंची। यहां उनकी मुलाकात फिल्म निर्माता व हीरो देवानंद के भाई चेतन आनंद से हुई। उन्हें 1954 में पहली फिल्म देवानंद के साथ 'टैक्सी ड्राइवर' में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उन्होंने लीड एक्ट्रेस की भूमिका निभाई।
उन्होंने 1956 में पाकिस्तानी फिल्म 'अबाना' में भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने हिंदुस्तानी फिल्मों 'जंगल किंग' (1959), 'रिटर्न और मिस्टर सुपरमैन' (1960) के अलावा 'तीन बत्ती-चार रास्ता', 'नौकरी', 'मीनार', 'रेलवे प्लेटफॉर्म', 'फंटूस', 'सुरंग' और 'आनंद मठ' जैसी फिल्मों में सेकंड हीरोइन के रूप में काम किया।
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