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Friday, March 15, 2024

इला अरुण

#15march
प्रसिद्ध गायिका,अभिनेत्री इला अरुण 
🎂: 15 मार्च 1954, जोधपुर

पति: अरुण बाजपाई
भाई: पियूष पांडे, प्रसून पांडे, रामा पांडे, तृप्ति पांडे
बच्चे: इशिता अरुण

इला अरुण एक भारतीय फिल्‍म अभिनेत्री, टीवी आर्टिस्‍ट और गायिका हैं। वह जोधा अकबर, बेगम जान, लम्‍हें, मंटो और ठग्‍स ऑफ हिंदोस्‍तान में अभिनय कर चुकी हैं। 
 इला अरुण का जन्‍म राजस्‍थान के जोधपुर में हुआ था। और उनकी पढ़ाई-लिखाई राजस्‍थान की राजधानी जयपुर से हुई है। इला ने अरुण बाजपेयी से शादी की है। जो कि एक मर्चेन्‍ट नेवी ऑफीसर हैं।
अरुण कई प्रतिभाओं की धनी हैं। वह फिल्‍मों में अभिनय के साथ ही गायन का काम भी करती हैं। और कई फिल्‍मों को बेहतरीन गाने दिये हैं। इला को 2008 में आई फिल्‍म जोधा अकबर में महम अंगा के रोल के लिये पहचाना जाता है। 
इला अरुण ने नॉर्वे के सबसे ज्यादा लोकप्रिय नाटककार 'हेनरिक इस्बेन' के नाटकों को न सिर्फ हिंदी में रूपांतरण किया है बल्कि देश-विदेश में इनका सफलतापूर्वक मंचन भी किया है। इला अरुण को नॉर्वे की संस्कृति को भारत में प्रचारित-प्रसारित करने के लिए वहां की सरकार ने उन्हें 'द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट नाइट फर्स्ट क्लास अवार्ड' से सम्मानित किया है। 
पिछले 40 सालों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय इला अरुण की बेटी इशिता भी एक अभिनेत्री रही हैं। इला ने हिंदी में कई फिल्मी गीत गाए हैं और तमिल और तेलुगु जैसी दक्षिण भारतीय भाषाओं के लिए भी काम किया। माधुरी दीक्षित अभिनीत फिल्म खलनायक के लिए अलका याग्निक के साथ गाया गया उनका अब तक का सबसे प्रसिद्ध फिल्मी गीत 'चोली के पीछे क्या है के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। 
एक और गीत जो इला अरुण की वजह से लोकप्रिय हुआ वो था करण-अर्जुन फिल्म का 'गुप चुप'। इस फिल्म के बाद इला एक मशहूर गायिका के रूप में मशहूर हो गईं। 
इला अरुण ने कहा कि ओल्ड गौथिक थियेटर में म्यूजिकल फोक शो करना उनकी पहली प्राथमिकता है।
इला अरुण ने कहा कि ओल्ड गौथिक थियेटर में म्यूजिकल फोक शो करना उनकी पहली प्राथमिकता है। 
इला, अभिनेत्री श्रीदेवी द्वारा अभिनीत फिल्म 'लम्हें' में लता मंगेशकर के साथ अपने गीत "मोरनी बगा मा बोले" के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने एआर रहमान द्वारा रचित फिल्म रोमियो के तमिल गीत "मुथु मुथु मझाई" को अपनी आवाज दी है। 
इला अरुण का एक और गीत बहुत लोकप्रिय हुआ जो उन्होंने रहमान के साथ गया था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के गीत  "रिंगा रिंगा" के लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले।
इला अपनी सफलता का श्रेय जयपुर के किशनपोल बाजार में स्थित अपने स्कूल 'महाराजा गल्र्स सीनियर सेकेंडरी' स्कूल को देती हैं, जहां से उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण मिला। इला के शब्दों में राजस्थान में शाही परिवार ने लगभग 150 साल पहले लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह स्कूल खोला था।
उनके अभिनय का आयाम सबसे पहली बार चिकित्सकों की जिंदगी पर आधारित दूरदर्शन के धारावाहिक 'जीवनरेखा' में दिखाई दिया था, जिसमें उनके साथ दिग्गज अभिनेत्री तन्वी आजमी भी थीं। लेकिन फिल्म 'जोधा अकबर' में महामंगा के किरदार को शानदार ढंग से निभा कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल एक गायिका ही नहीं, बल्कि एक आला दर्जे की अभिनेत्री भी हैं। उन्होंने इससे अपने अभिनय कौशल को भी एक अलग पहचान दी।
इसके अलावा इला ने 'चाइना गेट', 'चिंगारी', 'वेलकम टु सज्जनपुर', 'वेस्ट इज वेस्ट' और 'घातक' समेत आलोचकों द्वारा सराही गई कई अन्य फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी। इला ने सोनी एंटरटेनमेंट चैनल के कार्यक्रम 'फेम गुरुकुल' में संगीत स्कूल की निर्णायक की भूमिका निभाई थी। इस गायन कार्यक्रम में प्रतिभागियों को गायन का प्रशिक्षण दिया गया था।
इला अरुण ने ने कई बेहद सफल एकल गीत भी गाए हैं। उनके गीत 'वोट फॉर घाघरा' को बेशुमार सफलता मिली और इसकी एक लाख से भी अधिक प्रतियां बिकीं। उनके गीतों 'मैं हो गई सवा लाख की', 'मेरा अस्सी कली का घाघरा', 'रेशम का रूमाल' आदि ने भी काफी धूम मचाई। 
इसके अलावा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम के प्रचार के लिए इला का गाया गीत 'हल्ला बोल' भी बेहद लोकप्रिय हुआ था। इला का दिल अपनी जन्मभूमि जयपुर के साथ ही नाट्य मंच 'रविंद्र मंच' से भी जुड़ा है। इला मानती हैं कि रविंद्र मंच के दिग्गज कलाकारों से उन्हें अभिनय की बारीकियां सीखने का मौका मिला।

अरुण को पहली बार दूरदर्शन पर तन्वी आज़मी के साथ डॉक्टरों के जीवन पर आधारित एक हिंदी टीवी धारावाहिक लाइफलाइन (जीवनरेखा) में अभिनय करते देखा गया था । उन्होंने 2008 की हिट फिल्म जोधा अकबर में महम अंगा, अकबर की चतुर नर्स और राजनीतिक सलाहकार के रूप में शानदार प्रदर्शन किया । उन्होंने चाइना गेट , चिंगारी , वेल डन अब्बा , वेलकम टू सज्जनपुर , वेस्ट इज वेस्ट और घातक जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाओं में भी काम किया है । शादी के साइड इफेक्ट्स और बेगम जान में , उन्होंने क्रमशः एक गवर्नेस और एक वेश्यालय सदस्य की भूमिका निभाई। " रात अकेली है " में, जो एक नेटफ्लिक्स फिल्म है और 31 जुलाई 2020 को रिलीज़ हुई, उन्होंने हीरो " नवाजुद्दीन सिद्दीकी " की माँ की भूमिका निभाई है और स्थानीय बोली में संवादों को सही ढंग से प्रस्तुत किया है।

अरुण भारतीय टेलीविजन उद्योग के शुरुआती वर्षों का हिस्सा रहे हैं, उन्होंने 1980 के दशक में भारत एक खोज और यात्रा में अभिनय किया था । उन्होंने संविधान में एक स्वतंत्रता कार्यकर्ता हंसा मेहता की भूमिका भी निभाई , जो संविधान सभा की सलाहकार समिति का हिस्सा थीं, जो भारत के संविधान के निर्माण पर आधारित एक टीवी मिनी-सीरीज़ है।

📽️

1983 मंडी
1984 अर्ध सत्य
1985 त्रिकाल
1986 जाल
1990 पुलिस पब्लिक
1991 लम्हे
1992 सूरज का सातवां घोड़ा
1994 द्रोह काल
1996 घटक
1997 औज़ार
1998 चाइना गेट
2005 बोस - भूला हुआ हीरो
2006 चिंगारी
2008 जोधा अकबर
2008सज्जन पुर में आप का स्वागत है।
2010वेस्ट एक बेस्ट
2010साबश अब्बा
2010मिर्च
2011 आगाह: चेतावनी
2012 अर्जुन: योद्धा राजकुमार
2014 शादी के साइड इफेक्ट्स
2017 बेगम जान
2018 ठग्स ऑफ हिंदोस्तान
2018 मंटो
2020 धूमकेतु
2020 रात अकेली है
2020 छलांग
2021शेरनी
2021अल्ताफ ए इश्क
2023 हड्डी
2023 आर्य सीजन 3
2024 कुछ खट्टा हो जाये

🎤गायिका के रूप में

पायल उतार दूंगी" फ़िल्म: मोहब्बत की आरज़ू 1994 संगीत निर्देशक: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल

1985 ऐतबार "खाली पीली प्यार से" बप्पी लाहिड़ी 
1986 जाल "रैना बावरी भाई रे" अनु मलिक 
1989 बटवारा "ये इश्क डंक बिछुआ का, अरे इसमें राम बचाये" लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल 
1991 रुक्मावती की हवेली स्वयं 
लम्हे "चूड़ियाँ खनक गई"
"मेघा रे मेघा"

शिव-हरि 
1993 खलनायक " चोली के पीछे क्या है (महिला)" लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जीता- सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार
"नायक नहीं खलनायक है तू" 
बेदर्दी "सुन ओ बेदर्दी" लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल 
दलाल "गुटुर गुटुर" बप्पी लाहिड़ी 
1994 अमानत "दिन में कहती है" बप्पी लाहिड़ी 
नाराज़ "ऐसा तड़पाया मुझे दिल बेकरार ने" अनु मलिक "पायल उतार दूंगी" फ़िल्म: मोहब्बत की आरज़ू (1994) संगीत: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल 
1995 दीया और तूफान "कुंडी धीरे से खटकाना" बप्पी लाहिड़ी 
ज़ख्मी सिपाही "ओ लैला ओ लैला" रईस भारतीय 
1996 आतंक "मैं छुई मुई"
"मेरी पतली कमर"

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल 
तस्कर "बिन बरसात के" बप्पी लाहिड़ी 
मिस्टर रोमियो "मुथु मुथु मझाई" (मूल संस्करण)
"पास आजा बालम" (हिन्दी संस्करण)

एआर रहमान तमिल फिल्म
1997 तराजू "चल गन्ने के खेत में" राजेश रोशन 
जीवन युद्ध "कमीज़ मेरी काली" नदीम-श्रवण 
औज़ार "मस्ती का आलम आया है" अनु मलिक 
1998 काधल कविथाई "थाथोम थकाथिमी" इलयराजा तमिल फिल्म
1999 भोपाल एक्सप्रेस "उड़न खटोला" शंकर-एहसान-लॉय 
जानम समझ करो "मुझे आपके प्यार के लिए बनाया गया था" अनु मलिक 
2000 Snegithiye "ओथयादि पधायिले" विद्यासागर तमिल फिल्म
2003 बूम "बूम" तलवीन सिंह 
2004 पैसा वसूल "मैंने सैयां की डिमांड" बापी-टुटुल 
2010 शाबाश अब्बा "मेरी बानो होशियार" शांतनु मोइत्रा गीतकार भी
मिर्च "मोरा सइयां" मोंटी शर्मा 
रावण "काटा काटा" एआर रहमान 
2012 अर्जुन: योद्धा राजकुमार "कभी ना देखे हस्तिनापुर में" विशाल-शेखर 
2013 दीवाना मैं दीवाना "काला डोरिया" बप्पी लाहिड़ी 

🥁🎻🪕🎸🎺🪇🪈🎷🎹। संगीत निर्देशक के रूप में
🥁🎻🪕🎸🎺🪇🪈🎷🎹।
1992 - मुझसे दोस्ती करोगे
1991 - रुक्मावती की हवेली
1985 - डूंगर रो भेद

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