#18feb
#25march
निम्मी(नवाब बानो)
🎂जन्म की तारीख और समय: 18 फ़रवरी 1933, आगरा
⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 25 मार्च 2020, मुम्बई
पति: एस० अली रज़ा (विवा. 1965–2007)
माता-पिता: वहीदान, अब्दुल हक़ीम
नवाब बानो अपने मंचीय नाम निम्मी से प्रसिद्ध हिन्दी फिल्मों की 1950 से 1960 के दशक की अभिनेत्री थी भारतीय हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। उनका असली नाम 'नवाब बानू' था। बॉलीवुड की इस मासूम- सी ख़ूबसूरत अभिनेत्री का राज कपूर ने फ़िल्मी दुनिया से परिचय करवाया था। हालांकि निम्मी की फ़िल्मी शुरुआत सहायक अभिनेत्री के तौर पर राज कपूर और नर्गिस अभिनीत फ़िल्म बरसात' ( 1949) से हुई थी। दिलचस्प बात तो यह भी है कि इस ख़ूबसूरत अभिनेत्री पर राज कपूर की नज़र उस समय पड़ी, जब वे एक फ़िल्म की शूटिंग देख रही
थीं। निम्मी अपनी समकालीन नायिकाओं मधुबाला, नर्गिस, नूतन , मीना कुमारी , सुरैया और गीता बाली के समान ही प्रतिभाशाली थीं। निम्मी ख़ूबसूरत आँखों वाली सम्मोहक अभिनेत्री मानी जाती हैं। फ़िल्म में उनकी भूमिका को कभी भी सहनायिका के रूप में नहीं लिया
गया। उन पर बहुत-सी फ़िल्मों के यादगार गीत फ़िल्माए गए थे। निर्देशक के. आसिफ़ की फ़िल्म 'लव एंड गॉड' उनकी आखिरी फ़िल्म थी।
अभिनेत्री निम्मी का जन्म 18 फ़रवरी, 1933 को आगरा में हुआ था। उनकी माँ का नाम वहीदन था, जो अपने दौर की मशहूर गायिका और अभिनेत्री थीं। निम्मी के पिता अब्दुल हकीम मिलिट्री में ठेकेदार थे। जब निम्मी केवल नौ वर्ष की थीं, तब इनकी माँ का स्वर्गवास का हो गया। उनके पिता ने निम्मी को ऐबटाबाद रहने के लिए दादी के पास भेज दिया। निम्मी के पिता स्वयं आगरा छोड़ कर मेरठ आ गये।
सन 1947 में भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद शरणार्थियों की भीड़ में निम्मी और उनकी दादी भी थीं। निम्मी अपनी दादी के साथ बम्बई (वर्तमान मुम्बई) आ गयीं, जहाँ उनकी मौसी ज्योति रहती थीं, जो की हिन्दी फ़िल्मों में काम करती थीं। अब बम्बई निम्मी का नया आशियाना था, जहाँ एक रिफ्यूजी लड़की इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए तैयार थी।
निम्मी कभी स्कूल नहीं गई थीं। इसलिए घर की पढ़ाई ने उन्हें उर्दू तक ही सीमित रखा। वैसे फ़िल्मों में काम करते समय उन्होंने अंग्रेज़ी जरूर सीखी थी, लेकिन वे
बातचीत अपनी ही जुबान में करती थीं। एक दिन काम करते वक्त निम्मी की मुलाकात लेखक अली रजा से हुई। संवाद की रिहर्सल कराने के लिए अली रजा ने निम्मी की मदद की। बाद में अली रजा ने ही उनमें शायरी का शौक़ पैदा कर दिया। बाद में यह शायरी दोस्ती और प्यार में बदल गई तो निम्मी ने लेखक-पटकथाकार अली रजा से शादी कर ली
सन 1948 में प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता निर्देशक महबूब ख़ान, सेंट्रल स्टूडियो बम्बई में अपनी फ़िल्म 'अंदाज़' की शूटिंग कर रहे थे। 'अंदाज़' में दिलीप कुमार और राज कपूर के साथ थीं नर्गिस। इन तीनों ने पहली और आखिरी बार एक साथ काम किया था। निम्मी भी यहाँ मौजूद थीं। वह अक्सर शूटिंग देखने आती थीं। यहीं उन्हें राज कपूर ने देखा। उन दिनों राज कपूर फ़िल्म 'बरसात' ( 1949 ) के लिए एक नए चेहरा तलाश रहे थे। 'अंदाज' के सेट पर निम्मी का शर्मीला व्यवहार देखने के बाद 'बरसात' में अभिनेता प्रेमनाथ के साथ निम्मी को ले लिया गया। फ़िल्म 'बरसात' में निम्मी हृदयहीन शहरी प्रेम नाथ आदमी को प्यार करती है। निम्मी ने इस फ़िल्म में एक मासूम पहाड़ी गड़ेरिन की भूमिका निभाई थी
'बरसात' फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस पर इतिहास बनाया। 'बरसात' को अभूतपूर्व महत्त्वपूर्ण और व्यावसायिक सफलता मिली थी। स्थापित और लोकप्रिय सितारों नर्गिस, राज कपूर और प्रेमनाथ की मौजूदगी के बावजूद निम्मी ने अपना किरदार बखूबी निभाया था। फ़िल्म के लोकप्रिय शीर्षक गीत "बरसात में हम से मिले तुम", "जिया बेक़रार है", "पतली कमर है" सभी निम्मी पर फ़िल्माये गये थे। 'बरसात' में पहली बार हिन्दी फ़िल्मों
में बलात्कार का सीन सामने आया और यह बलात्कार क्लासिक बन गया। फ़िल्म का चरमोत्कर्ष भी नवेली अभिनेत्री के इर्द-गिर्द घूमता रहा। 'बरसात' की भारी सफलता ने निम्मी को स्टार बना दिया। राज कपूर (भवंरा), देव आनंद (सज़ा, आँधियाँ) जैसे चोटी के नायकों के साथ निम्मी ने काम किया। ' दीदार' ( 1951 ) और 'दाग' ( 1952 ) जैसी फ़िल्मों की सफलता के बाद दिलीप कुमार के साथ उनकी बहुत लोकप्रिय और भरोसेमंद स्क्रीन जोड़ी साबित हुई।
25 मार्च 2020 में मुम्बई में उनका निधन हो गया
#25march
निम्मी(नवाब बानो)
🎂जन्म की तारीख और समय: 18 फ़रवरी 1933, आगरा
⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 25 मार्च 2020, मुम्बई
पति: एस० अली रज़ा (विवा. 1965–2007)
माता-पिता: वहीदान, अब्दुल हक़ीम
नवाब बानो अपने मंचीय नाम निम्मी से प्रसिद्ध हिन्दी फिल्मों की 1950 से 1960 के दशक की अभिनेत्री थी भारतीय हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। उनका असली नाम 'नवाब बानू' था। बॉलीवुड की इस मासूम- सी ख़ूबसूरत अभिनेत्री का राज कपूर ने फ़िल्मी दुनिया से परिचय करवाया था। हालांकि निम्मी की फ़िल्मी शुरुआत सहायक अभिनेत्री के तौर पर राज कपूर और नर्गिस अभिनीत फ़िल्म बरसात' ( 1949) से हुई थी। दिलचस्प बात तो यह भी है कि इस ख़ूबसूरत अभिनेत्री पर राज कपूर की नज़र उस समय पड़ी, जब वे एक फ़िल्म की शूटिंग देख रही
थीं। निम्मी अपनी समकालीन नायिकाओं मधुबाला, नर्गिस, नूतन , मीना कुमारी , सुरैया और गीता बाली के समान ही प्रतिभाशाली थीं। निम्मी ख़ूबसूरत आँखों वाली सम्मोहक अभिनेत्री मानी जाती हैं। फ़िल्म में उनकी भूमिका को कभी भी सहनायिका के रूप में नहीं लिया
गया। उन पर बहुत-सी फ़िल्मों के यादगार गीत फ़िल्माए गए थे। निर्देशक के. आसिफ़ की फ़िल्म 'लव एंड गॉड' उनकी आखिरी फ़िल्म थी।
अभिनेत्री निम्मी का जन्म 18 फ़रवरी, 1933 को आगरा में हुआ था। उनकी माँ का नाम वहीदन था, जो अपने दौर की मशहूर गायिका और अभिनेत्री थीं। निम्मी के पिता अब्दुल हकीम मिलिट्री में ठेकेदार थे। जब निम्मी केवल नौ वर्ष की थीं, तब इनकी माँ का स्वर्गवास का हो गया। उनके पिता ने निम्मी को ऐबटाबाद रहने के लिए दादी के पास भेज दिया। निम्मी के पिता स्वयं आगरा छोड़ कर मेरठ आ गये।
सन 1947 में भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद शरणार्थियों की भीड़ में निम्मी और उनकी दादी भी थीं। निम्मी अपनी दादी के साथ बम्बई (वर्तमान मुम्बई) आ गयीं, जहाँ उनकी मौसी ज्योति रहती थीं, जो की हिन्दी फ़िल्मों में काम करती थीं। अब बम्बई निम्मी का नया आशियाना था, जहाँ एक रिफ्यूजी लड़की इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए तैयार थी।
निम्मी कभी स्कूल नहीं गई थीं। इसलिए घर की पढ़ाई ने उन्हें उर्दू तक ही सीमित रखा। वैसे फ़िल्मों में काम करते समय उन्होंने अंग्रेज़ी जरूर सीखी थी, लेकिन वे
बातचीत अपनी ही जुबान में करती थीं। एक दिन काम करते वक्त निम्मी की मुलाकात लेखक अली रजा से हुई। संवाद की रिहर्सल कराने के लिए अली रजा ने निम्मी की मदद की। बाद में अली रजा ने ही उनमें शायरी का शौक़ पैदा कर दिया। बाद में यह शायरी दोस्ती और प्यार में बदल गई तो निम्मी ने लेखक-पटकथाकार अली रजा से शादी कर ली
सन 1948 में प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता निर्देशक महबूब ख़ान, सेंट्रल स्टूडियो बम्बई में अपनी फ़िल्म 'अंदाज़' की शूटिंग कर रहे थे। 'अंदाज़' में दिलीप कुमार और राज कपूर के साथ थीं नर्गिस। इन तीनों ने पहली और आखिरी बार एक साथ काम किया था। निम्मी भी यहाँ मौजूद थीं। वह अक्सर शूटिंग देखने आती थीं। यहीं उन्हें राज कपूर ने देखा। उन दिनों राज कपूर फ़िल्म 'बरसात' ( 1949 ) के लिए एक नए चेहरा तलाश रहे थे। 'अंदाज' के सेट पर निम्मी का शर्मीला व्यवहार देखने के बाद 'बरसात' में अभिनेता प्रेमनाथ के साथ निम्मी को ले लिया गया। फ़िल्म 'बरसात' में निम्मी हृदयहीन शहरी प्रेम नाथ आदमी को प्यार करती है। निम्मी ने इस फ़िल्म में एक मासूम पहाड़ी गड़ेरिन की भूमिका निभाई थी
'बरसात' फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस पर इतिहास बनाया। 'बरसात' को अभूतपूर्व महत्त्वपूर्ण और व्यावसायिक सफलता मिली थी। स्थापित और लोकप्रिय सितारों नर्गिस, राज कपूर और प्रेमनाथ की मौजूदगी के बावजूद निम्मी ने अपना किरदार बखूबी निभाया था। फ़िल्म के लोकप्रिय शीर्षक गीत "बरसात में हम से मिले तुम", "जिया बेक़रार है", "पतली कमर है" सभी निम्मी पर फ़िल्माये गये थे। 'बरसात' में पहली बार हिन्दी फ़िल्मों
में बलात्कार का सीन सामने आया और यह बलात्कार क्लासिक बन गया। फ़िल्म का चरमोत्कर्ष भी नवेली अभिनेत्री के इर्द-गिर्द घूमता रहा। 'बरसात' की भारी सफलता ने निम्मी को स्टार बना दिया। राज कपूर (भवंरा), देव आनंद (सज़ा, आँधियाँ) जैसे चोटी के नायकों के साथ निम्मी ने काम किया। ' दीदार' ( 1951 ) और 'दाग' ( 1952 ) जैसी फ़िल्मों की सफलता के बाद दिलीप कुमार के साथ उनकी बहुत लोकप्रिय और भरोसेमंद स्क्रीन जोड़ी साबित हुई।
25 मार्च 2020 में मुम्बई में उनका निधन हो गया
🎥
1949 बरसात
1950 वफ़ा
1950राज मुकुट
1950जलते दीप
1950बनवरा
1951 साज़ा
1951बुज़दिल
1951दीदार
1951बेदर्दी
1951बड़ी बहू
1951सब्ज़ बाग
1952 दाग़
1952 आन
1952 आंधीयां
1992उषा किरण
1953 हमदर्द
1953आबशार
1953अलिफ़ लैला
1953दर्द-ए-दिल
1953मेहमान
1954 अमर
1954प्यासे नैन
1954कस्तूरी
1954डंका
1955 समाज
1955उरण खटोला
1955कुन्दन
1955राधा
1955भगवत महिमा
1955शिकार
1956 राजधानी
1956भाई-भाई
1956बसंत बहार
1956गोपी
1956जयश्री
1957 अंजलि
1957छोटे बाबू
1957अर्पण
1958 सोहनी महिवाल
1959 पहली रात
1959चार दिल चार राहें
1960 अंगुलिमाल
1961 शम्मा
1963 मेरे मेहबूब
1964 पूजा के फूल
1964दाल में काला
1965 आकाशदीप
1986 प्रेम और ईश्वर
⚰️निम्मी 🎂 निम्मी ⚰️निम्मी 🎂 निम्मी
✍️नया लेख ⚰️निम्मी 🎂 निम्मी👇
#18feb
#25march
नवाब बानो उर्फ निम्मी
🎂18 फ़रवरी 1932
आगरा , आगरा और अवध का संयुक्त प्रांत , ब्रिटिश भारत , (वर्तमान उत्तर प्रदेश , भारत )
⚰️मृत25 मार्च 2020 (आयु 88 वर्ष)
मुंबई , महाराष्ट्र , भारत
सक्रिय वर्ष
1949-1965
उल्लेखनीय कार्य
बरसात (1949)
दीदार (1951)
दाग (1952)
आन (1952)
अमर (1954)
उड़ान खटोला (1955)
कुन्दन (1955)
बसंत बहार (1956)
जीवनसाथी
एस अली रज़ा
( एम. 1965; मृत्यु 2007 )
पुरस्कार
2015 में कलाकार पुरस्कार ( लिविंग लीजेंड अवार्ड)।
उन्होंने उत्साही ग्रामीण सुंदरियों के किरदार निभाकर लोकप्रियता हासिल की, लेकिन वह फंतासी और सामाजिक फिल्मों जैसी विविध शैलियों में भी दिखाई दीं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सजा (1951),
भारत की पहली टेक्नीकलर फिल्म आन (1952),
उड़ान खटोला (1955), भाई-भाई (1956),
कुंदन (1955),
मेरे मेहबूब (1963),
पूजा के में माना जाता है।
फूल (1964),
आकाशदीप (1965),
बसंत बहार (1956)।
राज कपूर ने उनका नाम नवाब बानो से बदलकर "निम्मी" रख दिया।
नवाब बानो का जन्म आगरा में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी माँ एक गायिका और अभिनेत्री थीं, जिन्हें वाहिदान के नाम से जाना जाता था। वह फिल्म उद्योग से अच्छी तरह जुड़ी हुई थीं। निम्मी के पिता अब्दुल हकीम एक सैन्य ठेकेदार के रूप में काम करते थे। निम्मी का जन्म के समय "नवाब" नाम उनके दादा ने दिया था जबकि उनकी दादी ने "बानो" जोड़ा था। एक छोटी बच्ची के रूप में, निम्मी को बंबई जाने की यादें थीं, और उनकी मां का मेहबूब खान और उनके परिवार के साथ अच्छे संबंध थे , जो फिल्म निर्माण व्यवसाय में प्रमुख और प्रभावशाली थे।
जब निम्मी 11 साल की थीं तो उनकी मां की अचानक मौत हो गई. उनके पिता मेरठ में रहते थे जहाँ वे काम करते थे और उनका एक और परिवार था; इस समय तक, निम्मी की माँ के साथ उनका संपर्क न्यूनतम था। इसलिए निम्मी को अपनी नानी के साथ रावलपिंडी के पास एबटाबाद में रहने के लिए भेज दिया गया। 1947 में भारत का विभाजन हुआ और एबटाबाद पाकिस्तान में चला गया । निम्मी की दादी मुंबई (तब बॉम्बे के नाम से जाना जाता था) चली गईं और अपनी दूसरी बेटी, जिसे ज्योति के नाम से जाना जाता था, के घर में बस गईं। स्वयं एक पूर्व अभिनेत्री, ज्योति का विवाह एक लोकप्रिय भारतीय पार्श्व गायक, अभिनेता और संगीत निर्देशक जीएम दुर्रानी से हुआ था।
🎥
1949 बरसात
1950 वफ़ा
1950राज मुकुट
1950जलते दीप
1950बनवरा
1951 साज़ा
1951बुज़दिल
1951दीदार
1951बेदर्दी
1951बड़ी बहू
1951सब्ज़ बाग
1952 दाग़
1952 आन
1952 आंधीयां
1992उषा किरण
1953 हमदर्द
1953आबशार
1953अलिफ़ लैला
1953दर्द-ए-दिल
1953मेहमान
1954 अमर
1954प्यासे नैन
1954कस्तूरी
1954डंका
1955 समाज
1955उरण खटोला
1955कुन्दन
1955राधा
1955भगवत महिमा
1955शिकार
1956 राजधानी
1956भाई-भाई
1956बसंत बहार
1956गोपी
1956जयश्री
1957 अंजलि
1957छोटे बाबू
1957अर्पण
1958 सोहनी महिवाल
1959 पहली रात
1959चार दिल चार राहें
1960 अंगुलिमाल
1961 शम्मा
1963 मेरे मेहबूब
1964 पूजा के फूल
1964दाल में काला
1965 आकाशदीप
1986 प्रेम और ईश्वर
#25march
नवाब बानो उर्फ निम्मी
🎂18 फ़रवरी 1932
आगरा , आगरा और अवध का संयुक्त प्रांत , ब्रिटिश भारत , (वर्तमान उत्तर प्रदेश , भारत )
⚰️मृत25 मार्च 2020 (आयु 88 वर्ष)
मुंबई , महाराष्ट्र , भारत
सक्रिय वर्ष
1949-1965
उल्लेखनीय कार्य
बरसात (1949)
दीदार (1951)
दाग (1952)
आन (1952)
अमर (1954)
उड़ान खटोला (1955)
कुन्दन (1955)
बसंत बहार (1956)
जीवनसाथी
एस अली रज़ा
( एम. 1965; मृत्यु 2007 )
पुरस्कार
2015 में कलाकार पुरस्कार ( लिविंग लीजेंड अवार्ड)।
उन्होंने उत्साही ग्रामीण सुंदरियों के किरदार निभाकर लोकप्रियता हासिल की, लेकिन वह फंतासी और सामाजिक फिल्मों जैसी विविध शैलियों में भी दिखाई दीं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सजा (1951),
भारत की पहली टेक्नीकलर फिल्म आन (1952),
उड़ान खटोला (1955), भाई-भाई (1956),
कुंदन (1955),
मेरे मेहबूब (1963),
पूजा के में माना जाता है।
फूल (1964),
आकाशदीप (1965),
बसंत बहार (1956)।
राज कपूर ने उनका नाम नवाब बानो से बदलकर "निम्मी" रख दिया।
नवाब बानो का जन्म आगरा में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी माँ एक गायिका और अभिनेत्री थीं, जिन्हें वाहिदान के नाम से जाना जाता था। वह फिल्म उद्योग से अच्छी तरह जुड़ी हुई थीं। निम्मी के पिता अब्दुल हकीम एक सैन्य ठेकेदार के रूप में काम करते थे। निम्मी का जन्म के समय "नवाब" नाम उनके दादा ने दिया था जबकि उनकी दादी ने "बानो" जोड़ा था। एक छोटी बच्ची के रूप में, निम्मी को बंबई जाने की यादें थीं, और उनकी मां का मेहबूब खान और उनके परिवार के साथ अच्छे संबंध थे , जो फिल्म निर्माण व्यवसाय में प्रमुख और प्रभावशाली थे।
जब निम्मी 11 साल की थीं तो उनकी मां की अचानक मौत हो गई. उनके पिता मेरठ में रहते थे जहाँ वे काम करते थे और उनका एक और परिवार था; इस समय तक, निम्मी की माँ के साथ उनका संपर्क न्यूनतम था। इसलिए निम्मी को अपनी नानी के साथ रावलपिंडी के पास एबटाबाद में रहने के लिए भेज दिया गया। 1947 में भारत का विभाजन हुआ और एबटाबाद पाकिस्तान में चला गया । निम्मी की दादी मुंबई (तब बॉम्बे के नाम से जाना जाता था) चली गईं और अपनी दूसरी बेटी, जिसे ज्योति के नाम से जाना जाता था, के घर में बस गईं। स्वयं एक पूर्व अभिनेत्री, ज्योति का विवाह एक लोकप्रिय भारतीय पार्श्व गायक, अभिनेता और संगीत निर्देशक जीएम दुर्रानी से हुआ था।
🎥
1949 बरसात
1950 वफ़ा
1950राज मुकुट
1950जलते दीप
1950बनवरा
1951 साज़ा
1951बुज़दिल
1951दीदार
1951बेदर्दी
1951बड़ी बहू
1951सब्ज़ बाग
1952 दाग़
1952 आन
1952 आंधीयां
1992उषा किरण
1953 हमदर्द
1953आबशार
1953अलिफ़ लैला
1953दर्द-ए-दिल
1953मेहमान
1954 अमर
1954प्यासे नैन
1954कस्तूरी
1954डंका
1955 समाज
1955उरण खटोला
1955कुन्दन
1955राधा
1955भगवत महिमा
1955शिकार
1956 राजधानी
1956भाई-भाई
1956बसंत बहार
1956गोपी
1956जयश्री
1957 अंजलि
1957छोटे बाबू
1957अर्पण
1958 सोहनी महिवाल
1959 पहली रात
1959चार दिल चार राहें
1960 अंगुलिमाल
1961 शम्मा
1963 मेरे मेहबूब
1964 पूजा के फूल
1964दाल में काला
1965 आकाशदीप
1986 प्रेम और ईश्वर
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