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Thursday, March 14, 2024

धनीराम

#14march 
पुराने जमाने के संगीतकाऱ गायक धनीराम
🎂1922
⚰️14 मार्च 1967
वेटरन गायक संगीत निर्देशनक धनीराम का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर 1922 में हुआ था उन्होंने बहुत कम उम्र से ही शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी धनीराम ने खान साहब बुतेह खान से हारमोनियम तबला एवं गायन की शिक्षा ग्रहण की
1935 में आकाशवाणी दिल्ली में वे गायक के रूप में गये
उनके द्वारा गाये गयी गज़लें एवं भजन बहुत ही लोकप्रिय हुए उस समय की रिकॉर्डिंग कंपनियों की निगाह धनीराम पर पड़ी
उस समय की मशहूर रेकॉर्डिंग कंपनी HMV ने धनीराम को गाना गाने के लिए लाहौर बुलाया उसी समय द्वितीय विश्वयुद्ध छिड़ गया जिसके कारण वे पंजाब सरकार के पब्लिसिटी विभाग में काम करने लगे वहां उन्होंने लगभग ढाई वर्ष तक काम किया इसके बाद वे लाहौर पुनः लौट गये और HMV के लिए गाने गाने लगे
इसी दौरान उनको दो फिल्मों में संगीत देने का प्रस्ताव मिला 1948 में फ़िल्म पपीहा रे से उन्होंने अपने संगीत जीवन की शुरुआत की इस फ़िल्म में उन्होंने बारह गाने संगीतबद्ध किये इस फ़िल्म के कुछ प्रसिद्ध गाने थे

पत्थर का मिला तकिया
बरखा की रुत है
एक परदेसी लूट गया
पपीहा रे
उसी समय देश का बंटवारा हो गया जिसके कारण उन्होंने  दो फिल्मों को अधूरा छोड़ कर भारत वापस चले आये
यहाँ आकर वे संघर्ष करने लगे इसी दौरान उनको बी आर चोपड़ा की फ़िल्म शोले (1953) में उनको नरेश भट्टाचार्य के साथ संगीत देने का अवसर मिला इस फ़िल्म में देविका रानी एवं अशोक कुमार ने अभिनय किया था फ़िल्म के गाने बहुत हिट साबित हुए
शोले की सफलता के बाद धनीराम ने कई प्रसिद्ध फिल्मों में संगीत दिया जैसे 1953 में लड़की 1954 में डाक बाबू  1955 में शाही चोर 1955 में रूप वसंत 1957 में शाही बाज़ार 1958 में तक़दीर 1962 में बाजे घूघरुं 1967 में आवारा लड़की
इन सब फिल्मों में लेखराज भाखरी की फ़िल्म डाक बाबू(1954) सबसे बेहतरीन फ़िल्म थी इस फ़िल्म का गाना घिर घिर आये बदरवा कारे बहुत बड़ी हिट साबित हुई  इस गाने को तलत महमूद ने गाया था
धनीराम की सबसे बड़ी विशेषता उनकी क्लासिकल संगीत की जानकारी थी जिसको वे गानों में इस्तेमाल करते थे
धनीराम पंजाब एवं उत्तर प्रदेश के लोक संगीत से काफी प्रभावित थे जिसको वे अपने संगीत में इस्तेमाल करते थे बाद में उन्होंने वेस्टर्न म्यूजिक की भी जानकारी प्राप्त की
बाजे घूघरुं उनकी अंतिम फ़िल्म थी जो उनकी मृत्यु से पहले रिलीज़ हुई थी

14 मार्च 1967 में गले के कैंसर के कारण  उनका निधन हो गया

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